मेरी धारणा है कि अहिंसा केवल वैयक्तिक गुण नहीं है।
2.
तथा कार्यकलाप में सर्वथा भिन्न-भिन्न, कभी-कभी तो एक-दूसरे के विपरीत वैयक्तिक गुण प्रदर्शित करते हैं।
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ऐसे अंतर्निहित वैयक्तिक गुण उन लोगों में तो आम तौर पर और भी अधिक स्पष्ट
4.
मेरा अनुभव है कि यदि बचपन से ही कहानियां सुनाकर उपयुक्त प्रयत्न किये जाएं तब उपरोक्त मनोवृत्ति जैसे वैयक्तिक गुण भी सिखाए जा सकते हैं।
5.
३ ०. अनेक शिक्षाविद तथा विचारक 12 यह मानते हैं कि मनोवृत्ति (एटिट्यूड) ऐसा वैयक्तिक गुण है, जैसे सकारात्मकता या धैर्य आदि, जो सिखाया नहीं जा सकता।
6.
वैयक्तिक गुण, जिनसे मनुष्य का चरित्र बनता है, सर्वप्रथम तथा सर्वोपरि इच्छा (उदाहरण के लिए, संकल्प अथवा अनिर्णय, भीरूता) और अनुभूतियों (उदाहरण के लिए, प्रफुल्लचित्तता अथवा विषाद) और कुछ हद तक बुद्धि
7.
ॠग्वैदिक समाज राजनैतिक सत्ता के लिए होने वाले संघर्षों से क्रमश: दूर होता दृष्टिगोचर होता है किन्तु आन्तरिक व्यवस्था शान्तिपूर्ण बनाये रखने के साथ ही बाह्य आर्येतर आक्रमणों का भीषण प्रत्युत्तर देना आर्यों का वैयक्तिक गुण था ।
8.
साझे हितों तथा आस्थाओं को अपना आधार बनाते हुए तथा जीवन में साझे ध्येयों की सिद्धी की कामना करते हुए लोग अपने सामाजिक आचरण-व्यवहार तथा कार्यकलाप में सर्वथा भिन्न-भिन्न, कभी-कभी तो एक-दूसरे के विपरीत वैयक्तिक गुण प्रदर्शित करते हैं।
9.
एंगेल्स का मानना था, ‘स्त्रियों की मुक्ति की पहली शर्त यह है कि पूरी जाति फिर से सार्वजनिक उत्पादन में प्रवेश करे और इसके लिए आवश्यक है कि समाज की आर्थिक इकाई होने का वैयक्तिक गुण नष्ट कर दिया जाए।
10.
ऐसे अंतर्निहित वैयक्तिक गुण उन लोगों में तो आम तौर पर और भी अधिक स्पष्ट रूप से पाये जाते हैं, जिनका जीवन के प्रति दृष्टिकोण भिन्न-भिन्न होता है, जिनकी रुचियां, सांस्कृतिक स्तर तथा नैतिक सिद्धांत भिन्न-भिन्न होते हैं।